प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की सहायिका, 29 साल की मेडेलीन वेस्टरहाउट को व्हाइट हाउस से निकाल दिया गया है। मेडेलीन वेस्टरहाउट को इस महीने डिनर पर रिपोर्टरों से बात करते देखा गया था जिसके बाद उन्हें इस गुरुवार को अचानक हटा दिया गया। मेडेलीन ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के पहले दिन से उनके साथ काम कर रही थीं। व्हाइट हाउस ने मेडेलीन वेस्टरहाउट को को अचानक निकाले जाने पर किसी भी तरह की कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक सूत्र के हवाले से लिखा है कि मेडेलीन को अब 'अलग कर दी गई कर्मचारी' के रूप में देखा जाएगा और कार्यालय आने से भी रोक दिया जाएगा। अमरीकी मीडिया के अनुसार, उनका कार्यालय राष्ट्रपति के दफ़्तर के ठीक सामने वेस्ट विंग में था। बताया जा रहा है कि मेडेलीन ने अगस्त के महीने में न्यूजर्सी के बर्कले हाइट्स होटल में ट्रम्प की छुट्टियों के दौरान डिनर करते समय पत्रकारों से अनाधिकारिक टिप्पणियां की थीं। वहीं दूसरी ओर व्हाइट हाउस के कई अधिकारी ट्रम्प के प्रति मेडेलीन की वफ़ादारी को लेकर काफ़ी पहले से संदेह जता रहे थे। एक पूर्व अधिकारी ने सीबीएस न्यूज़ चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि, "वह पहले दिन से ही एक जासूस थी, वह राष्ट्रपति के आलोचकों के काम करवाने के लिए उनसे अपनी निकटता का इस्तेमाल करती थीं।"
'व्हाइट हाउस' पर छपी दो किताबों के अनुसार, ट्रम्प के चुनाव जीतने के बाद मेडेलीन दुखी थीं और उन्हें रोते हुए देखा गया था। लेकिन इसके बावजूद उन्हें कथित तौर पर 1,45,000 डॉलर वेतन वाला सहायिका का पद मिल गया था। मेडेलीन को अकसर न्यूयॉर्क स्थित ट्रम्प टॉवर की लॉबी में मेहमानों को लाते-ले जाते देखा गया था। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार उनका एक निजी इंस्टाग्राम पेज है जिस पर वह अपने जीवन और राष्ट्रपति के साथ अपनी यात्राओं के बारे में पोस्ट करती रहती हैं। सीबीएस के अनुसार ट्रम्प अक्सर उन्हें 'माय ब्यूटी' (मेरी सुंदरी) कहकर बुलाते थे। जब वरिष्ठ पत्रकार बॉब वुडवर्ड ने एक इंटरव्यू के दौरान ट्रम्प से शिकायत की थी कि उनके समय मांगने के अनुरोध पर जब केलीनेन कॉनवे जैसे प्रमुख सहयोगियों ने नहीं सुना तो ट्रम्प ने कहा था कि उनसे कहा था कि उन्हें मेडेलीन से संपर्क करना चाहिए था। उन्होंने कहा था, "मेडेलीन ही ऐसी चीज़ों की चाबी है, वही है राज़।"
ज्ञात रहे कि वर्ष 1998 के शुरुआत अमेरिका के तत्कालीन राषट्रपति बिल क्लिंटन और उनकी सहायक मोनिका लेविंस्की के बीच अवैध संबंधों की ख़बरें सामने आईं थीं। इस कारण से अमेरिकी राष्ट्रपति को अभियोग प्रक्रिया का भी सामना करना पड़ा था।